हरदा के एक परिवार के 8 लोगों की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री में हरदा जिले के 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक मां और उसके तीन बेटे भी शामिल हैं। चाचा-भतीजे की जोड़ी भी इस हादसे में खो गई। गुरुवार सुबह सभी मृतकों के शवों को हंडिया लाया गया।
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अंतिम संस्कार नेमावर में नर्मदा नदी के तट पर किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। पूरे इलाके में मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों की आंखें नम हैं।

गुजरात के बनासकांठा के नजदीक डीसा में हादसा हादसा मंगलवार सुबह 8 बजे गुजरात के बनासकांठा के नजदीक डीसा में हुआ। मारे गए सभी मजदूर हरदा और देवास जिले के रहने वाले थे। अब तक 20 शव बरामद हुए हैं। इनमें से 18 की पहचान हो गई है। इनमें 5 से 8 साल तक के बच्चे भी हैं।
फैक्ट्री में धमाका इतना भीषण था कि कई मजदूरों के शरीर के अंग 50 मीटर दूर तक बिखर गए। फैक्ट्री के पीछे खेत में भी कुछ मानव अंग मिले हैं।
8 शव हरदा के, 10 देवास जिले के परिवार के 8 शव हरदा के परिवार के जबकि 10 देवास जिले के हैं। दो शव ज्यादा जले हैं, जिनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा। माना जा रहा है कि ये हरदा के ही हैं। इससे पहले हादसे में 21 मजदूरों की मौत की बात सामने आई थी।

मजदूरों के गांव में माहौल गमगीन है।
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एक साल पहले हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में जिंदा बचे शख्स राकेश की गुजरात पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मौत हो गई। हरदा ब्लास्ट के बाद मां शांताबाई इतनी डरी हुई थी कि राकेश को गुजरात जाने से खूब रोका, लेकिन वह नहीं माना। चार दिन बाद राकेश, उसकी पत्नी डॉली और बेटी किरण की मौत की खबर आई। पढ़ें पूरी खबर…
बेटे की तेरहवीं करनी थी, रुपए कमाने गए गुजरात: मां बोली-सब खत्म हो गया

हरदा के हंडिया की गीताबाई का पूरा परिवार गुजरात फैक्ट्री ब्लास्ट में खत्म हो गया। दैनिक भास्कर ने गीता से बात की तो बोलीं- होली पर बेटे सत्यनारायण का निधन हो गया था। उसकी तेरहवीं के लिए रुपए नहीं थे। पोते समेत परिवार के 11 लोग काम करने गुजरात गए थे। पढ़ें पूरी खबर…