चीन और ताइवान: चीन की सेना ने बुधवार को ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास का दूसरा दिन शुरू किया. इस अभ्यास को पहली बार एक कोड नाम दिया गया-‘स्ट्रेट थंडर-2025A’. चीन का कहना है कि यह अभ्यास ताइवान की नाकाबंदी करने और सटीक हमले करने की क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित है.
यह सैन्य अभ्यास ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के खिलाफ चीन की तीखी टिप्पणियों के बाद हुआ, जिसमें चीन ने उन्हें “परजीवी” कहा था. इसके अलावा, यह अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की एशिया यात्रा के तुरंत बाद हुआ, जहां उन्होंने कई बार बीजिंग की आलोचना की.
ताइवान को अपना हिस्सा मानता है चीन
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और राष्ट्रपति लाई चिंग-ते को ‘अलगाववादी’ कहता रहा है. हालांकि, लाई, जो हाल ही में ताइवान के राष्ट्रपति बने हैं, बीजिंग के इस दावे को खारिज करते हैं. उनका कहना है कि ताइवान के भविष्य का फैसला सिर्फ ताइवान के लोग ही कर सकते हैं.
चीन की पूर्वी थिएटर कमांड के अनुसार, यह सैन्य अभ्यास ताइवान के मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में हो रहा है. ताइवान के कुछ द्वीप चीन के बेहद करीब हैं. यह अभ्यास क्षेत्र पर नियंत्रण, संयुक्त नाकाबंदी और प्रमुख लक्ष्यों पर सटीक हमलों की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. इसमें पहचान, चेतावनी, निष्कासन और अवरोधन जैसे सैन्य अभियानों पर ध्यान दिया जा रहा है.
’10 से ज्यादा चीनी युद्धपोत देखे गए’
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ,ताइवान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ताइवान के प्रतिक्रिया क्षेत्र में 10 से ज्यादा चीनी युद्धपोत देखे गए. साथ ही चीन के तट रक्षक बल भी इस सैन्य अभ्यास में शामिल थे. चीन ने मंगलवार के अभ्यास को कोई आधिकारिक नाम नहीं दिया था. पिछले साल, चीन ने ताइवान के आसपास दो बड़े सैन्य अभ्यास किए थे, जिन्हें “संयुक्त तलवार-2024A” और “संयुक्त तलवार-2024B” नाम दिया गया था.
अमेरिका ने की निंदा
संयुक्त राज्य अमेरिका, जो ताइवान का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समर्थक और मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता है, ने चीन के इस सैन्य अभ्यास की कड़ी निंदा की है. अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि ताइवान के प्रति चीन की आक्रामक सैन्य गतिविधियाँ और बयानबाजी केवल तनाव बढ़ाती हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा व वैश्विक स्थिरता को खतरे में डालती हैं.